Saturday, November 14, 2009

देवो की भूमि बनी फ्राडों की भूमि

देरादून आज कल फ्रोडगिरी का अड्डा बन गया है । पिछले एक माह से रोज अख़बार में यैसे ही चर्चे दीखते है । देहरादून में नई-नई प्लेसमेंट एजेन्सीया और इंसोरेंस के नाम पर हजारो लोगो को ठगा जा चुका है पर पुलिस एक भी फ्रोड को पकड़ नही सकी है । और तो और हद तो तब हो गई जब पुलिस का एक जवान ही गायब हो गया, बाद में भाई साहब चोरी की कार बेचते हुए पकड़े गए .येसी है अपने आप को मित्र पुलिस कहने वाली देहरादून पुलिस । ख़ुद को विजय आनन्द शर्मा बताने वाला एक ब्यक्ति निति नाम की एक लड़की के साथ मिलकर मंगलाचरणम नाम की एक कंपनी खोला और इन्सुरेंस ने नाम पर बिडला इंसोरेंस कम्पनी के इसुरेंस कराया और पैसे इक्कठे करके चंपत हो गया । हजारो लोगों को बेवकूफ बनाकर जाने वाले इस आनंद को पुलिस आजतक नही पकड़ सकी । यैसे ही कारनामे रोज सामने आ रहे है ...और पुलिस हाथ पे हाथ धरे बैठी है ..

Monday, October 26, 2009

वाह रे ..डाक्टर ....

भगवान का दूसरा रूप माने जाने वाले डॉक्टर बेशक लोगो की जान बचाते है ...पर कुछ झोला छाप तथाकथित डॉक्टर भगवान के रूप माने जाने वाले डॉक्टरो को बदनाम कर रहे है ....और लोग मजबूरी में इनके पास जाते है । गावों की हालत तो छोडिए देश की राजधानी में हालत ख़राब है । मै आजकल देहरादून में जॉब कर रहा हूँ ..दिवाली की छुट्टी के लिए अपने घर देवरिया जाने के लिए मैंने बस लिया ..ट्रैफिक के कारण मुझे २४ घंटे लगे बस में जहाँ मच्छरों ने जम कर मेरा स्वागत किया और दिवाली के रात मुझे कपकपी के साथ बुखार आया । अगली सुबह गावं के एक डॉक्टर से दवा लिया उसने मुझे मलेरिया की दवा दी । फ़िर भी बुखार नही गया तो मै दुसरे डॉक्टर के पास गया उसने सारा जाँच कराने के बाद कहा की वायरल है फ़िर भी मुझे आराम नही हुआ और दिन पर दिन मेरी हालत ख़राब होती गई ..परेशान होकर मै किसी तरह दिल्ली पंहुचा । दिल्ली के हरिनगर आश्रम में एक अस्पताल में गया वह डॉ अंसारी ने मुझे पीलिया बताया और हजार रूपये येठे फ़िर भी कुछ आराम नही हुआ और मेरी हालत चिंताजनक हो गई। फ़िर मै अशोक विहार में नार्थ डेल्ही नर्सिंग होम में गया जहा पता चला की मुझे डेंगू है और ५ दिन अस्पताल में भर्ती रहा तब जाके पुरी तरह ठीक हुआ और जान बची ...अब सवाल ये है की मै किस किस पे केस करू ॥ मै एक पत्रकार हु जब मेरे साथ येसा हुआ तो आम लोग की तो आप कूद सोच ले क्या हाल..सरकारी अस्पताल में कोई डॉक्टर नही मिलता लोग जाए तो जाए कहा जाए ..अब सवाल ये है की मेरी जिन्दगी से जो मजाक किया गया और मुझे १५ हजार रूपये खर्च करने पड़े उसके लिए कौन जम्मेदार है ...एक भी गुनाहगार को मै छोड़ने वाला नही..

देहरादून से गोरखपुर बस से जाते समय

यह तो एक नमूना है ... जाने कितने बच्चे सड़क पर दो जून की रोटी के लिए झाडू लगाते मिल जायेगे ...शर्म आनी चाहिए उन एन जी के नाम पर अपना धंधा चलने वालो को और शर्म आनी चाहिए यु पी सरकार को जो मूर्ति के नाम पर पैसे बर्बाद कर रही है .. बच्चे दलित थे ..जो मुसाफिरों के गंदगी को साफ कर रहे थे ...और अब कर रहे होगे ...

Tuesday, August 18, 2009

इतना भी मत डर यार

आज कल स्वाइन फ्लू का डर हर तरफ़ देखा जा रहा है ..लोग इतना डरे हुए है की अगर कोई छींक भी देता है तो लोग मुह ढकने लगते है । मेरे आफिस में एक लड़की को जुखाम हो गया उसने मास्क लगा लिया । अगले दिन जब वह आफिस आई तो लोग उससे ऐसी दुरी बना रहे थे जैसे सबको फ्लू ही हो जाएगा । सावधानी जरुरी है पर क्या इतना ज्यादा डरने की भी जरुरत है । इस बीच बाबा रामदेव भी अपना योग और आयुर्वेद लेकर मीडिया के सामने आ गए अब पता नही बाबा अभी तक कहा थे जो इतनी जिन्दगियो के जाने के बाद सामने आए और पता नही उनके बताये उपायों से कोई मरीज ठीक भी हुआ नही ..जल्द ही बाबा का अपना चैनल आने वाला है लोग देखेगे और शायद अब सब ठीक रहेगे..वाह बाबा ..वाह ..

Wednesday, July 15, 2009

किसानो की हालत और कृषि

बजट आने के बाद उस पर चर्चा के दौरान लोकसभा में कृषि को ४ प्रतिशत की विकास दर लेन का दावा किया जा रहा है । लालू जी ने इस मुद्दे को बड़ी गंभीरता से प्रणब जी को समझाया । किंतु सभी उपरी और सुनी सुनाई बातो पर चर्चा करते रहे कोई भी मामले की तह तक नही पहुच पाया । इससे पता चलता है की आज हमारे नेता कितना जुड़े है आम लोगो से ।
गाव की वास्तविकता को और समझ के लिए इन नेताओ को गावों में जाने की जरुरत है । सरकार तरह तरह की योजनाये तो बना देती है किंतु इन योजनाओ का क्या हाल है उसे देखने वाला कोई नही है । जिनके भरोसे ये योजनाये चल रही है वो सिर्फ़ अपना फायदा कमाना चाहते है, और जो समितिया बने उन्होंने ने भी लीपापोती करके रिपोर्ट जमा कर दिया ।
भारत में आज भी खेती का कम अशिक्षित लोग ही करते है ,पढ़े-लिखे लोग अगर खेती करे तो गाव में उसे तौहीन माना जाता है लोग उसे पढ़ा लिखा बेवकूफ मानते है जिसका कारण है कि अधिकतर किसानो को यह पता ही नही होता कि किस समय किस तरह कि फसल और कौन सी खाद डालनी चाहिए ।
गावों में संचार के साधनों उपयोग कम ही होता है । रेडियो को छोड़कर अख़बार और टीवी कम ही लोग देखते है ।

Monday, June 29, 2009

राहुल का कांग्रेसवाद

कांग्रेस की सीटे यूपी में बढ़ी और राहुल की जय जयकार होने लगी अब सरकार में भी राहुल का बोलबाला है किंतु माया से कोई भी खुल के लड़ने को तैयार नही है। गरीबो के नाम पर इतना पैसा केन्द्र सरकार दे रही है और दलितों की बेटी कहलाने वाली माया के ही राज में दलितों की बदतर हालत है। पिछले दिनों लखनऊ गए थे मुझे लगा जयपुर में हु। माया को ख़ुद को इतिहास में नाम दर्ज करना ही है तो जिस राजनीतिक मिशन को लेकर वह चली थी उसी के बल बूते ही उन्हें याद किया जाता किंतु अब धीरे धीरे दलितों की ही दुश्मन बनती जा रही है ।गाव के कुछ दलितों से मैंने बात किया वे बताते है माया से अच्छी तो सोनिया है जो गाव में ही काम दिला रही है। हालाकि राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना में खामिया भी है और मजदूरो ने भी बताया की जॉब कार्ड के लिए उन्होंने ५०० रूपये दिए किंतु अब उन्हें कम मिल रहा है और उन्हें बाहर नही जाना पड़ता है । यही कारण है की इसबार यूपी में कांग्रेस की सीटे बढ़ी है । अब भी माया को समझ नही आ रहा है ......

Saturday, May 16, 2009

नही चला हिंदुत्वाद ,अब भी वक्त है सम्हाल जाओ...

लोकसभा के नतीजो ने सबको तो हैरत में डाला ही,सबसे ज्यादा हैरत में डाला बीजेपी को । बीजेपी को आम जनता ने एक सबक जरुर सिखा दिया की अब हिन्दुत्व का मुद्दा पुराना हो गया है । अब शायद कुछ सबक ले अब बीजेपी। सबसे ज्यादा चौकाया यूपी ने ,बसपा और सपा को जनता ने चेताया ही नही सज़ा भी दिया । अब मायावती को शायद कुछ सदबुधि मिलेऔर वह समझ जाए की जाति की राजनीति बहुत हो चुकी अब जनता समझदार हो चुकी है ।अब जाति के नाम पर नही काम के आधार पर vote मिलते है।nitish इस bat के pratyachh udaharad है। इस chunaw ने एक bat तो तय कर दिया की अब bhartiya जनता समझदार हो गई है और यह bhartiya लोकतंत्र के लिए खुशी की bat है। Paswan , lalu ,Mulayam और Maya जिसने भी जाति की राजनीति में जाति का sahara लिया सबको जनता ने बता दिया की अब सिर्फ़ जाति से नही काम चलेगा काम karana पड़ेगा। maya को अब dalito के लिए सिर्फ़ मूर्ति नही काम चाहिए । आख़िर rahul का karnama चला अब देखना होगा इनकी इस mehnat का क्या inam देती है सोनिया जी ।